शीत राहत अभियान
चार सर्दियों में 850 से ज़्यादा कंबल। हर एक कंबल अपने हाथों से — किसी बुज़ुर्ग, किसी विधवा, किसी दिव्यांग पड़ोसी, या टीन की छत के नीचे रहने वाले परिवार को।
2022 से जारी“आइए मिलकर समाज को बेहतर और सुंदर बनाएँ।”
हमने वहाँ से शुरुआत की जहाँ ज़रूरत सबसे ज़्यादा थी — दुद्धी, उस ज़िले में जिसे देश की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है, और जिसके अपने गाँव आज भी फटी रज़ाई में जाड़ा काटते हैं। 850 कंबल, अपने हाथों से ओढ़ाए गए, मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, न्यायालय परिसर में ठंडा पानी। और जयश्रीवन के ज़रिए अब कोई भी, कहीं भी पेड़ लगाकर यह साबित कर सकता है कि वह आज भी हरा है। शुरुआत एक ब्लॉक से हुई थी — हम वहीं रुकने वाले नहीं।




दुद्धी उत्तर प्रदेश के सुदूर दक्षिण-पूर्वी कोने का एक आदिवासी विकासखंड है, जहाँ आज भी कड़ाके की सर्दी परिवार बस सह लेते हैं। यहाँ सक्रिय, गैर-लाभकारी काम की ज़रूरत देखकर हमने 2022 में यह ट्रस्ट बनाया, और तब से हर साल आगे बढ़े हैं। ‘नागरिक-प्रेरित बदलाव’ के सिद्धांत में विश्वास रखते हुए हम समाज को जागरूक करते हैं, ताकि लोग इस मिशन में साझेदार बनें — केवल दर्शक नहीं।
हम दूर बैठकर रिपोर्ट लिखने वाला दफ़्तर नहीं हैं। हम वही पड़ोसी हैं जो दरवाज़ा खटखटाते हैं, सर्वे करते हैं, टेंपो में सामान लादते हैं, और तब तक ठंड में खड़े रहते हैं जब तक आख़िरी कंबल किसी कंधे तक न पहुँच जाए।
“शिक्षा और संस्कार से ही समाज का वास्तविक उत्थान संभव है।”संस्था का घोषित ध्येय · ट्रस्ट विलेख IV-37/2022
जहाँ राहत तुरंत चाहिए वहाँ राहत, जहाँ सम्मान नहीं मिलता वहाँ सम्मान, और जहाँ तकनीक किसी परिवार की आमदनी हमेशा के लिए बदल सकती है वहाँ तकनीक।
चार सर्दियों में 850 से ज़्यादा कंबल। हर एक कंबल अपने हाथों से — किसी बुज़ुर्ग, किसी विधवा, किसी दिव्यांग पड़ोसी, या टीन की छत के नीचे रहने वाले परिवार को।
2022 से जारीगुरुजी सबसे पहले शिक्षक थे। हम मेधावी विद्यार्थियों और उनके विद्यालयों को प्रमाणपत्र, पुरस्कार और एक सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता से सम्मानित करते हैं, जो गाँव के बच्चे को आत्मविश्वास से बोलना सिखाती है।
वार्षिक समारोहन्यायालय परिसर में मटकों से निःशुल्क RO जल — प्रकृति से ठंडा, धरती के लिए अच्छा, और उस सबसे ग़रीब मुवक्किल के लिए सम्मानजनक जो प्यासा चला आता है।
प्लास्टिक मुक्तहमारा अपना वृक्षारोपण मंच, jayshrivan.org पर उपलब्ध। अपने लगाए पेड़ को GPS और AI से जाँची गई तस्वीर के साथ दर्ज कीजिए, फिर पाँच साल में सात पड़ावों पर साबित कीजिए कि वह ज़िंदा है।
2026 से उपलब्धकिसानों के लिए बन रहा एक निःशुल्क, हिंदी-पहले मोबाइल ऐप — शुरुआत अपने किसानों से, और खुला हर किसी के लिए — मंडी भाव, मौसम की चेतावनी, सरकारी योजनाएँ और फ़सल की सलाह, सब एक जगह, अपनी ही भाषा में।
जल्द शुरूछठ पर प्रसाद वितरण, टेंट की व्यवस्था और विंढमगंज में गंगा आरती — क्योंकि साथ मनाया गया त्योहार किसी गाँव को जोड़ने वाली सबसे सस्ती और सबसे मज़बूत डोर है।
हर छठ2022 में ट्रस्ट विलेख में दर्ज — यही वह काम है जिसके लिए हम औपचारिक रूप से जवाबदेह हैं।
नीचे का हर आँकड़ा किसी की कटी हुई सर्दी है, किसी विद्यार्थी को मिला हौसला है, किसी गाँव का यह एहसास है कि उसे याद रखा गया।
चार क़दम, कोई शॉर्टकट नहीं। यही अनुशासन एक गाँव के ट्रस्ट को ईमानदार रखता है।
एक रुपया ख़र्च होने से पहले स्वयंसेवक टोलों में जाते हैं और प्रधान, आँगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा विद्यालय के मास्टर साहब से बात करते हैं।
घर-घर की लिखित सूची बनती है — उम्र, आमदनी, छत कैसी है, दिव्यांगता — ताकि सबसे ज़रूरतमंद सबसे ऊपर आएँ।
सामान थोक में ख़रीदा जाता है, गुणवत्ता जाँची जाती है, और तय तारीख़ को गाँव के केंद्र पर अपने हाथों से दिया जाता है।
तस्वीरें, गिनती और तारीख़ सीधे इसी वेबसाइट पर — ताकि हर दानदाता ठीक-ठीक देख सके कि उसकी मदद कहाँ पहुँची।
शीतलहर में कंबल वितरण से लेकर न्यायालय परिसर में निःशुल्क RO जल तक — यह है वह काम जो संस्था ने ज़मीन पर किया है।

कोरगी ग्राम पंचायत के गाँवों में 150 कंबल और टेढ़ा में 50 और — बुज़ुर्गों, विधवाओं, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों को प्राथमिकता।

मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार, साथ ही आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता।

घर-घर सर्वे के बाद गाँव के सामुदायिक केंद्र पर 150 कंबल वितरित, उद्घाटन अध्यक्ष श्री संतोष गुप्ता द्वारा।

ग़रीब मुवक्किलों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों के लिए स्वच्छ, प्राकृतिक रूप से ठंडा पेयजल — एक पर्यावरण-हितैषी उपाय जो प्लास्टिक कचरा भी घटाता है।

स्वयंसेवकों और गाँव के प्रमुखों ने सबसे ज़रूरतमंद घरों की पहचान की और व्यवस्थित, सम्मानजनक ढंग से कंबल बाँटे।

आयोजन समिति, स्वयंसेवक और स्थानीय व्यापारी मिलकर कई प्रसाद काउंटर लगाते हैं, ताकि हर श्रद्धालु तक प्रसाद पहुँचे।

कोरगी, डुमरा, चक डुमरा, पनिका टोला, जोरकहू और अन्य — कड़ाके की शीतलहर में 250 कंबल।
तस्वीर के लिए पौधा तो कोई भी लगा देता है। साल भर बाद लौटकर कोई नहीं देखता। जयश्रीवन ठीक इसी बात को सुधारने के लिए जयश्री फाउंडेशन ने बनाया है — एक निःशुल्क मंच, जहाँ आप अपना लगाया पेड़ दर्ज करते हैं, और फिर पड़ाव-दर-पड़ाव साबित करते रहते हैं कि वह ज़िंदा है।
यह ऐप सबके लिए खुला और चालू है — jayshrivan.org पर। आप गूगल से लॉगिन कीजिए, पेड़ के पास खड़े होइए, और ऐप ख़ुद GPS ले लेता है। तस्वीर को AI जाँचता है कि वह सचमुच आपकी चुनी प्रजाति का पौधा है, जगह और तारीख़ तस्वीर पर छप जाती है, और एक मीटर के भीतर दो पेड़ दर्ज नहीं हो सकते। इसके बाद उस पेड़ को एक सार्वजनिक टाइमलाइन मिल जाती है, जिसे दुनिया में कोई भी खोलकर जाँच सकता है।


गड्ढा, पौधा, पानी। ऐप की सूची से प्रजाति चुनिए — हर एक के साथ रोपने की और नर्सरी में तैयार करने की जानकारी मिलती है।
पौधे के पास खड़े होइए। ऐप GPS ले लेता है, आपका गाँव, ज़िला और राज्य ख़ुद भर देता है, और अक्षांश-देशांतर तथा तारीख़ तस्वीर पर छाप देता है।
1, 3 और 6 महीने पर, फिर 1, 2, 3 और 5 साल पर लौटिए। आपको पेड़ के 20 मीटर के भीतर होना होगा — जाँच सर्वर करता है, सिर्फ़ ऐप नहीं।
हर सत्यापित अपडेट पर आपको और आपकी संस्था को क्रेडिट मिलते हैं। पेड़ की पूरी टाइमलाइन सबके देखने के लिए खुली रहती है।
हर रोपण और वृद्धि की तस्वीर पौधा-पहचान AI से गुज़रती है। अगर तस्वीर में पौधा नहीं है — या साफ़ तौर पर आपकी चुनी हुई से अलग प्रजाति है — तो ऐप अपलोड से पहले ही बता देता है। तस्वीरों की अनुचित सामग्री के लिए भी जाँच होती है।
वृद्धि का अपडेट तभी स्वीकार होता है जब आपका फ़ोन पेड़ के 20 मीटर के भीतर हो, और यह जाँच सर्वर पर होती है — इसलिए घर बैठे नक़ल नहीं की जा सकती। साथ ही एक मीटर के भीतर दो पेड़ दर्ज नहीं हो सकते।
हर पड़ाव पर ऊँचाई, सेहत, हालत और तारीख़ वाली तस्वीर — 1, 3 और 6 महीने, फिर 1, 2, 3 और 5 साल। कोई भी पेड़ खोलिए और उसका पूरा जीवन देख लीजिए।
किसी को पेड़ उपहार में दीजिए, क्रेडिट भी उसी के साथ चले जाते हैं। या मालिकाना अपने पास रखकर एक देखभालकर्ता तय कीजिए — कोई विद्यार्थी, पड़ोसी या माली — जो आपकी ओर से अपडेट करता रहे।
विद्यालय, पंचायत, कंपनियाँ और संस्थाएँ पंजीकरण करा सकती हैं (प्रमाणपत्र स्वीकृति के साथ), लक्ष्य और तारीख़ के साथ नामित वृक्षारोपण अभियान चला सकती हैं, और अपने सदस्यों के लगाए पेड़ों को एक संस्थागत स्कोर में जुड़ते देख सकती हैं।
महीने और साल के हिसाब से रोपण के चार्ट, कुल वृद्धि, जीवित रहने की दर, प्रजाति और ज़िलेवार ब्यौरा — साथ ही “आपके आस-पास लगे पेड़” पैनल, जो आपके अपने गाँव, ज़िले, राज्य और देश के पेड़ गिनता है।
फ़ोन या लैपटॉप, किसी भी ब्राउज़र में चलता है। एंड्रॉयड और iOS ऐप रास्ते में हैं।
हमारे गाँवों में किसान आज भी उसी भाव पर बेचता है जो व्यापारी बोल दे, वही दवा छिड़कता है जो दुकानदार थमा दे, और सरकारी योजना का पता उसे तब चलता है जब आख़िरी तारीख़ निकल चुकी होती है। किसान मित्र इसी का जवाब है — एक निःशुल्क ऐप, जो किसान को ज़रूरी हर जानकारी उसके अपने हाथ में, उसकी अपनी भाषा में देता है।
हिंदी को पहले रखकर और भोजपुरी को साथ लेकर बनाया गया, सबसे सस्ते एंड्रॉयड फ़ोन पर चलने लायक, उनके लिए आवाज़ का बटन जिन्हें पढ़ने में दिक़्क़त होती है, और उन टोलों के लिए ऑफ़लाइन मोड जहाँ शाम ढलते ही नेटवर्क चला जाता है। हर किसान के लिए हमेशा निःशुल्क — न सदस्यता, न कमीशन।
जो किसान, एफ़पीओ और कृषि विशेषज्ञ इसे बनाने में साथ देना चाहें — कृपया संपर्क कीजिए।
ज्ञान वह दीपक है, जो न केवल अंधकार को दूर करता है, बल्कि हमें सत्य और धर्म का मार्ग भी दिखाता है।जयश्री गुरुजी · 1931–2014
वे स्वयंसेवक, जो हर हफ़्ते कहने से आगे बढ़कर करते हैं।









ये हमारे इकट्ठा किए हुए प्रशंसापत्र नहीं हैं — ये वे संदेश हैं जो संस्था की अपनी पुस्तिका के लिए उन लोगों ने लिखे, जिन्होंने यह काम अपने ही क़स्बे में होते देखा है।
“जयश्री फाउंडेशन शिक्षा, समाज सुधार और सेवा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रही है। संस्था द्वारा युवाओं को जागरूक करने और ज़रूरतमंदों की सहायता हेतु किए जा रहे प्रयास समाज के लिए प्रेरणा हैं। मुझे विश्वास है कि यह पहल आने वाली पीढ़ियों को नई दिशा देगी। आपके प्रयासों की सतत सफलता की शुभकामना करता हूँ।”

“जयश्री फाउंडेशन शिक्षा, समाज सुधार और सेवा के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य सिर्फ़ सम्मान समारोह तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षा का प्रसार, युवाओं को जागरूक करना और ज़रूरतमंदों की सहायता करना है। मैं इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करता हूँ और संस्था की निरंतर प्रगति एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देता हूँ।”

“मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानता हूँ कि मुझे जयश्री गुरुजी का सान्निध्य और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। गुरुजी की शिक्षाएँ आज भी मेरे जीवन की दिशा तय करती हैं। जयश्री फाउंडेशन उनके सपनों को साकार करने का माध्यम है। इस संस्था के हर कार्य में मैं गुरुजी की छवि और आशीर्वाद देखता हूँ।”

“जयश्री फाउंडेशन, दुद्धी विगत कई वर्षों से ग़रीब, असहाय एवं ज़रूरतमंदों की सेवा हेतु कार्यरत है। निदेशक श्री संतोष कुमार गुप्ता के कुशल नेतृत्व में संस्था निरंतर प्रगति कर रही है, जो अत्यंत सराहनीय है। मैं फाउंडेशन की सेवाओं की प्रशंसा करते हुए आपकी निरंतर प्रगति और सफलता की कामना करता हूँ।”

जयश्री फाउंडेशन का उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास का है। हम मानते हैं कि शिक्षा ही वह दीपक है जो अज्ञानता का अंधकार मिटाकर समाज को नई दिशा देता है, और संस्कार ही वह आधार हैं जिनसे ज़िम्मेदार नागरिकों का निर्माण होता है।
यह संस्था मेरे पिता एवं प्रेरणा स्रोत स्व. जयश्री प्रसाद गुप्ता (जयश्री गुरुजी) के आदर्शों और सपनों पर आधारित है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि यदि हम शिक्षा, सेवा और संस्कार को जीवन का मूल बनाएँ तो समाज की कोई भी शक्ति पीछे नहीं रह सकती। आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि आपके सहयोग और आशीर्वाद से हम न केवल शिक्षा की अलख जगाएँगे, बल्कि महिला सशक्तिकरण, सामाजिक एकता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी उल्लेखनीय कार्य करेंगे।
हर कंबल, हर प्रमाणपत्र, हर मटका इन्हीं की वजह से संभव हुआ।












आपका सहयोग और योगदान हमें अपने लक्ष्य तक पहुँचने और हालात सुधारने में सक्षम बनाएगा। आपका उदार दान हमारे मिशन को आगे बढ़ाएगा — कंबल, शिक्षा सम्मान, पेयजल, और उन परिवारों तक राहत जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।

कोई संस्था उतनी ही मज़बूत होती है, जितना उसे थामे रखने वाला समाज। अकेले जितना हो सकता है, मिलकर उससे कहीं ज़्यादा।
हमसे जुड़ने और इस मिशन में सहयोग देने के कई रास्ते हैं। स्वयंसेवा के अवसरों, आयोजनों, और अपने परिवार-मित्रों तक हमारा संदेश पहुँचाने के तरीक़ों के बारे में जानने के लिए हमसे संपर्क कीजिए।
कार्यक्रमों, वितरण अभियानों और आयोजनों की जानकारी पाने के लिए अपना ईमेल दीजिए।